सजा है प्यारा दरबार बाबा का,
लगे है न्यारा दरबार बाबा का,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
प्रेम तुमसे किया तो गलत क्या किया,
ज़िंदगी ये अब तो तेरे नाम है सँवारे,
भूल गए बनवारी,
लौट कब आओगे,
मारा सांवरिया गिरधारी माह है महीना की रुत प्यारी,
जब से साथी बना मेरा तू दिलदार साँवरिया
Na narsi si bhakti na sudama sa nata
ले कर के उंमीदे मन में जो भी खाटू धाम गया,
गम की कोई बदली अगर छा जाये,
श्याम आ जाते है,
तूने अंखियों से पिलाई,
मस्ती हमको यूं चढ़ाई,
तेरे तीन बाणों में जादू है, हारो को जीता देते है।
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