प्रेमी का प्रेम निभाता, तू प्रेम के वश हो जाता,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
इतना बता दें मोहन, कैसे तुम्हे रिझाऊँ,
सजाये बैठे है महफिल,
होरही शाम आजाओ,
मेरे श्याम का दिवाना, संसार हो गया है,
सिर्फ अकेला नहीं मैं जग में, सांवरिया मेरे साथ है,
नित नयो लागे साँवरो, एकी लेवा नज़र उतार, नज़र ना लग जावे,
यूँ तो क्या क्या नज़र नहीं आता, कोई तुमसा नज़र नहीं आता।।
जो भी मांगो मिलेगा तुमको, ऐसा ये दरबार है,
हारे का सहारा बाबा श्याम है, खाटू में बना तेरा धाम है,
अद्भुत हैं खाटू श्याम,
हारे का सहारा बन जाते,
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