मेरे शीश के दानी होना कभी मुझसे दूर,
हारे के सहारे होना कभी मुझसे दूर।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
म्हारो बीरो आयो, बनकर के कृष्ण कन्हाई जी,
जब तक सांसे हो मेरी, रहे खाटू आना जाना, अपने इस बेटे को बाबा, दिल से नहीं भूलाना
आजा बाबा आजा अब तो
और न तू तरसा, निकले आँख से आंसू जैसे, सावन है बरसा
आजा बाबा आजा अब तो और न तू तरसा,
ओ सांवरे नैया लगा दे मेरी पार,
सारी दुनिया का काम यो बनावे, दोनों हाथां से यो भर भर लुटावे,
तेरे दर दी कीती मैं चाकरी,
तेरी सेवा विच मैं रवा,
हो मैनु कमली कमली आखदे,
उनके जीने का ढंग निराला, जिनके संग में सदा खाटू वाला,
मेरे श्याम कोई बात, छुपी नहीं तेरे से,
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