पार लगाजो जी सांवरिया, पार लगाजो जी सांवरिया।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
थारे धाम की माटी म्हारै रास आ गई।
झूमे झूमे जी भगत, मतवाला बनके,
घर घर में बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला,
खाटू का सरदार है,
बड़ा असरदार है,
खुला हुआ है खुला रहेगा,
खाटू वाले का द्वार,
निर्बल का साथी है तू,
दाता दयावान है,
बीते चरणों में ये ज़िंदगानी
यही है अरदास सांवरे।
आया फागुन में बाबा का मेला
ये मेले की बहार देखिये
जाना है खाटू दरबार हे भक्तों चलो चले।
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