दुरंगे इस ज़माने से मैं हिम्मत हार बैठा हूँ,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
कईया होसी हार,
म्हाने श्याम धणी रो साथ है,
रंग श्याम का जो चढ़ जाए,
कोई और ना दिल को भाये,
दिल करे मैं खाटू आऊं और खाटू में बस जाऊं,
उसे ढूंढता फिरूं मैं, हूँ दीवाना सांवरे का,
मेरा दिल करता है, श्याम को मैं घर पे ले लाऊँ,
सेठा का सेठ मडंपिया, मायने सांवरिया म्हारा,
बचपन से माँ ने मुझे, श्री श्याम सिखाया है
ग्यारस की है रात, बाबा सुनलो जल्दी आना है,
हर ग्यारस की रात को, बाबा को बुलाएंगे
You must be logged in to post a comment.