श्री श्याम सलौने का,
श्रृंगार बसंती है दरबार बसंती ह।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
संवारे घनश्याम तुम तो
प्रेम का अवतार हो।
द्वारे खड़ा है बढ़िया पालना ले लो यशोदा मैया।
मेरे मथे ते लिख दे नाम अपना,
कठे मिलेगी ऐसी तगड़ी लौनी
जासे थारी निजरा उतरेगी,
सजने का है शौकीन, कोई कसर ना रह जाएँ,
दिल तो मेरा लूट लिया काले ने,
काले ने मुरली वाले ने….
बड़ी जादूगर है सांवरिया तोरी करि अंखिया,
सेठो के सेठ हो तुम मेरे श्याम धणी,
भूलू न भूलू न मैं कभी नाम तुम्हारा,
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