मैं तो श्याम रंग में रंग गयी रे
मोहे भाये कोई रंग ना
Category: श्याम भजन लिरिक्स
जयपुर का सुनियारा जी,
मने श्याम धणी ने सजाना है,
भजले बूढ़ा राम बजर की करले छाती रे।
ये तो प्रेम की बात है उधो,
दरबार तेरा जन्नत से प्यारा सांवरे।
राधा जी के तन में मन में,
ध्यान मैं कृष्णा बसे है….
घनश्याम राधे श्याम,
राधे श्याम
हाथ कस के पकड़ ले मेरा सांवरे, मैं छुड़ाना भी चाहूँ, छुड़ाना सकूँ।
Jannat se pyara Bharat hamara,
कन्हैया तुम्हारी झलक चाहते है
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