मांगते ही रहते तुझसे, सांझ सवेरे,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
जिसने खाटू नहीं देखा फिर क्या खाक देखा जी।
गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ़, कंवर तेजा रे,
कौन किसी का बेटा बेटी, झूठी दुनिया दारी।
भायों त्याग चाय ने दीजे
बेटा बयाह लो राजी हो लो नई भोड़िया आवेगी
होली खेलन देखो आयो रे, आयो बांके बिहारी,
सांवरे पर मुझे विश्वास है। जग की ना आस है।
पत्थर की राधा प्यारी,
पत्थर के कृष्ण मुरारी,
एजी खेलते रहउं मेैं बालू रेत,मुदरिया मोरी कहां रे गिरी।
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