शिव बड़े बुढे गौरा मेरी छोटी।
Category: शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics
अमर कथा कोई सुने रे सुनावे
उसकी होजा अमर गति।
शंभु शरणे पडी, माँगू घड़ी ए घड़ी,
या रिमझिम करती भिलनी कठिने चाली रे।
अम्बर से फूलों की बरसात हो गई। भोले कि शादी गौरा से हो गई।
गोकुल नगरिया में आया डमरू वाला।
गोरा थारी जाँन तो चडीँ काँकड मे,
रँगीलो जोगी आयो परणबा ने…..
शिव जी रो मनड़ो मोयो रे ,
भीलनी रंगीली।
तू तो चिंमटो बजा रे भोलानाथ छमा छम नाचूंगी।
भांगिया मत घोटो अनोखी के लाल।
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