मेरा शंकर त्रिपुरारी सारे जग से निराला है,
Category: शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बनके चले आना,
भोले चले आना, चले आना…
गांजों तोड़ रही म्हारी पार्वती माल्यां की बाड़ी में।
बड़ा है दयालु भोले नाथ डमरू वाला,
दूर उस आकाश की गहराइयों में,
इक नदी से बह रहे हैं आदियोगी,
मंद मंद मुस्काये रे भोला काहे भांग धतूरा खाये,
तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धारा, शंकरा हे मेरे शंकरा।
मची है धूम काशी में ना जाने किस का उत्सव है।
भोले बाबा का वंदन आसन होता है।
सदाशिव सर्व वरदाता,
दिगम्बर हो तो ऐसा हो ।
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