भोले ने जिसे चाहा,
दीवाना बना डाला,
Author: Pushpanjali
उड़न खटोले से उड़कर पहुंचू,
मैहर माई के धाम रे,
बरसात हो रही है,
वैष्णो देवी मां कृपा की बरसात हो रही है,
पै गईया ने धुम्मा दाती घर साडे आइये,
आदि भवानी कष्टों के तारे आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
दूल्हा बने भोले बाबा, चले लेने दुल्हनिया
चंदा छुप मत जाना आज श्याम संग होली खेलूंगी
गजानंद जी ने सोवे दो नारी, दो नारी ज्यारी शोभा भारी ।।
रातिजगो मान लिज्यो घरका को, यो पाटा भरा दियो पितरा को ।।
सब कुछ वही पा जाता जो दर पे आ जाता
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