अनुपम सुंदर नंदा किशोर,मन मोहन घनश्याम,
Author: Pushpanjali
जय गोविंदा जय गोपाला,
जय गोविंदा जय गोपाला,
मेरी प्यारी का नाम श्री राधा,
गोकुल में देखो, वृंदावन में देखो, मुरली बाजे रे,
श्याम संग राधा नाचे रे……..
मारी पार्वती काई जचग्यो रे
थारे भोलो शंकर लेहरी।
चालो जी चालो चालो भाईडा रे ,
चालो चाला बालाजी रे धाम।
ऊंची अटारी वाली किशोरी हम पर कृपा करो ना,
चली मैं द्वारे चली, मेरे घनश्याम के।
सच्चा भरोसा तेरी बिगड़ी बात बदलेगा,
थारी मोरछड़ी सरकार, सर पे फिरा दियो एक बार,
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