भोलेनाथ आए, सदाशिव आए,
आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए,
Author: Pushpanjali
हम पे ना चले सिलबट्टा हमारे पिया।
गुरूदेव दया के सागर है, जो ज्ञान का दीप जलाये,
सर को झुका आके, सर को झुका, यहाँ झुकता जहान आके सारा,
जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो मुबारक हो….
भोले ओ भोले, तू मेरा मैं तेरा, अपना मुझे बना ले, दर्शन जरा दिखा दे।
भुल्याई मारा कान्हा, यमुना किनारे मारी ओढ़नी
भजामि शंकराये नमामि शंकराये, त्रिलोचनाये शूलपाणी चंद्र शेखराये,
भोले बाबा जी सुन लो अर्ज हमारी,
दुनिया ने ठुकराया मुझको आया शरण तुम्हारी,
कब से खड़े है झोली पसार,
क्यों न सुनो तुम हमारी पुकार,
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