मोहिं तो भरोसो है तिहारो री किशोरी राधे
Author: Pushpanjali
मन बस गयो नन्द किशोर,
अब जाना नहीं कही और
भीगी भीगी अंखियों से श्याम पुकारू।
कहाँ रखोगे बाबा हारों की अँसुअन धारतेरा श्याम कुंड भी छोटा पद जायेगा सरकार।। हारों की आँखें कभी थकती नहीं हैंअँसुअन की धरा कभी रूकती नहीं हैंउनकी पलकों में तो सावन हैं कई हज़ारतेरा श्याम कुंड भी छोटा पद जायेगा सरकार।कहाँ रखोगे बाबा हारों की अँसुअन धारतेरा श्याम कुंड भी छोटा पद जायेगा सरकार।। भीगी […]
सावन का महीना, झुलावे चित चोर,
धीरे झूलो राधे पवन करे शोर।
चाहे ब्रह्मा कहो चाहे विष्णु कहो महादेवा। ओम नमो भगवते वासुदेवा।
शिव आव्हान मंत्र
महाकाल तेरा नाम तो कमाल कर गया
गोरा मां की लाल चुनरिया ले गए भोले बाबा जी।
आ गई कैलाश में तेरे भोले जी। चरणों की दासी बना लो भोले जी।
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