पर्वत पर लहरे दे रही चुनरिया शेरावाली की।
Author: Pushpanjali
हम छम छम नाचे तेरे द्वार मां।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
जगदंबा राखो लाज शरण में थारी आयो।
थारा टावर बुलावे मैया आज, माता जी थाने आनो पड़सी।
राधा का प्यार हो तुम प्यार।
जय माता की जय माता की कहिए, कोई लगे ना रुपैया।
म्हारी माजीसा ने चुनरिया रो कोड, माजीसा चली ओढ,
लहर लहर लहराए, सर पे मां के चुनर लहराए।
मंदिर सजा के कलश भरा के, लाल लाल चुनरी उढाये रखना
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