खाटू में जबसे आई मिट गए है दुःख सारे
Author: Pushpanjali
आयो फागुन उड़े रंग गुलाल,
है श्याम तेरे दर का,
सारे जहाँ में चर्चा,
खाटू जी में बाबा जी को देखकर
देखकर ही देखते रह जाते हैं
सांसों का क्या पता सांवरे,
सांसे कब तक मेरे साथ है,
मोहे लागि लगन खाटू श्याम की,
मेरे श्याम प्रभु के नाम की,
फ़िक्र नॉट फ़िक्र नॉट फ़िकर नॉट,
साँवरिया जी उडीके थारी बाट,
बरसे रंग गुलाल श्याम तेरी होली में,
लो फिर से आया है,
ये मेला फागुण का,
ओ मेरे खाटू वाले, हम हैं तेरे दीवाने, खाटू में आया पहली बार बाबा श्याम,
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