तर्ज, स्वर्ग से सुंदर सपनों
मन के झूले में बिठाकर बांधी भाव की डोर, सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।
हमने बनाया अपने हृदय को आसन, आंन बिराजो बाबा इतना निवेदन।हमने बनाया अपने हृदय को आसन, आंन बिराजो बाबा इतना निवेदन। मन बगिया को आज खिला दो आ जाओ चित चोर।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।
मन के झूले में बिठाकर बांधी भाव की डोर, सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।
झूला झूलाना तो है बस एक बहाना, मकसद हमारा मन के भाव दिखाना।झूला झूलाना तो है बस एक बहाना, मकसद हमारा मन के भाव दिखाना। भाव बिना काहे का झूला कैसी रेशम डोर।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।
मन के झूले में बिठाकर बांधी भाव की डोर, सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।
जिसने बनाया अपने मन को हिंडोला। उसमें ही झूले मेरा सांवरा सलोना।जिसने बनाया अपने मन को हिंडोला। उसमें ही झूले मेरा सांवरा सलोना। हर्ष कहे फिर छम छम नाचे उसके मन का मोर।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।
मन के झूले में बिठाकर बांधी भाव की डोर, सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।सांवरे तुझे झुलाए प्रेम से डोर हिलाये।