गौरी माता गौरी माता बात सुण ले ,देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।गौरी माता गौरी माता बात सुण ,देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।।
चौखट पर तेरी आ पूंच्यो, बंगलो मंदिर पर ऊँचो, थारी मेरी जूनी मुलाकात सुण ले । क्यूँ लगावे, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।। गौरी माता गौरी माता बात सुण ले ,देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।।
ममता को थारी पार नहीं, थारो सो मैया दरबार नहीं, तेरा है निराला मैया ठाठ सुण ले । देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।।गौरी माता गौरी माता बात सुण ले,देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।।
थे ही मेरी पीड़ मिटाओगी, न्यावड़ी नै पार लगावोगी, कर दे दया की बरसात सुण ले देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।गौरी माता गौरी माता बात सुण ले ,देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।।
श्यामबहादुर ‘शिव’ शक्ति, थां चरणां की दयो भक्ति, दास की पुकार इबकी स्यात सु देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।गौरी माता गौरी माता बात सुण ले ,देर क्यूँ लगावै, हाथ्यूं-हाथ सुण ले ।।