मेरे गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा, धूल हूँ तेरे चरणों की मैं, देना ना ठुकरा, गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा।
तुझ बिन मोहन, किसको रिझाऊं, छोड़ तेरा दर, किस दर जाऊं, आँखों में मेरी, बस जा रे प्रीतम, बनके तू कजरा, गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा ।
तुम संग लागि, प्रीत सांवरिया,मेरी नजरिया,
ढूंढे तुझको, दर्श के प्यासे, नैनो को मोहन, आकर दर्श दिखा, गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा ।
आ तोहे मैं, दिल में बिठा लूँ, मूंद के पलकें, तुमको छिपा लूँ, आँखों में मेरी, बस जा रे प्रीतम, बनके तू कजरा, गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा ।
काहे को अब, देर लगाई, आ जाओ मेरे, बांके कन्हाई, दर्श की प्यासी, मीरा को मोहन, और ना अब तरसा, गिरधर गोपाला, मैं तेरी त मेरा ।
मेरे गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा, ‘तू’ धूल हूँ तेरे चरणों की मैं, देना ना ठुकरा, गिरधर गोपाला, मैं तेरी तू मेरा ।