कभी तो ये मैया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है. अंगुली पकड़ मेरी, रस्ता दिखाती है, कभी तो ये मईया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है।
ठोकर लगी मुझको, पत्थर नुकीला था, पर चोंट ना आई, मैया ने संभाला था, तो बोलो ना….. कभी तो ये मईया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है।
जो ठुकरा दिया हमको, हम किसको बोलेंगे, दर तेरे खड़े होकर, छुप छुप के रो लेंगे,कभी तो ये मईया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है।
कोई सुख से सोता है, कोई भूखा रोता है, किसका भी दोष नहीं, कर्मों का तोता है, कभी तो ये मईया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है।
मेरे इस जीवन की, बस एक तमन्ना है, तुम सामने हो मेरे, और प्राण निकल जाए, कभी तो ये मईया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है।
कभी तो ये मैया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है, अंगुली पकड़ मेरी, रस्ता दिखाती है, कभी तो ये मईया, माझी बन जाती है, कभी तो ये मईया, साथी बन जाती है।