तर्ज रेशमी सलवार कुर्ता
श्याम पीछा छोड़ राधा रानी का। काहे रोके रास्ता मतवाली का।
मैं जब जब घर से निकलूं मोहे खड़ा मिले सावरिया, मटकी मेरी छिनवे दही देजा री गुजरिया। राज वनवारी का।काहे रोके रास्ता मतवाली का।
श्याम पीछा छोड़ राधा रानी का। काहे रोके रास्ता मतवाली का।
मैं बरसाने की गुवालिन तू नंद गांव का ग्वाला। और मेल मिलेगा कैसे मैं गोरी तू है काला। छैल नंदरानी का।काहे रोके रास्ता मतवाली का।
श्याम पीछा छोड़ राधा रानी का। काहे रोके रास्ता मतवाली का।
राधा जी का मटका मेरे दिल को दे गया झटका। तू चली गयी बरसाने मैं डोला भटका भटका। छैल नंदरानी का।काहे रोके रास्ता मतवाली का।
श्याम पीछा छोड़ राधा रानी का। काहे रोके रास्ता मतवाली का।