कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।
कैला जगदंबा है बड़ी माता। भक्तों की यह भाग्य विधाता। इनकी तो पूजती छड़ी, भवन में दोनों खड़ी।कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।
चामुंडा है छोटी माता, इनको देख दुष्ट भाग जाता। यह तो गुस्सा है करती बड़ी, भवन में है दोनों खड़ी। कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।
जगदंबा नी भक्त उबारे। चामुंडा ने दानव मारे। यह तो दुष्टों से खूब लड़ी। भवन में दोनों खड़ी। कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।
चामुंडा का रूप निराला। यह है काली काल रखवाला। छूटे जब-जब नवज और नड़ी। भवन में दोनों खड़ी। कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।
करते हैं वह नर जो मैया को ध्याते। मनवांछित फल वह पा जाते। यहां जय-जय तो होवे हर घड़ी। भवन में दोनों खड़ी। कैला चामुंडा छोटी बड़ी भवन में दोनों खड़ी।