Categories
राम भजन लिरिक्स

Bhajman ram re deewana nahi tere bhram ka nahi thikana,भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना,ram bhajan

भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।

भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।


भ्रम का नही ठिकाना रे झूठा है नेह लगाना
भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।



कौन तेरा है तू किस का धन योवन सब ना निशकारे,
छोड़ कमानी का चस्का रे यही है नरक निशाना
भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।



भाई बंधू पुत्र सनेही यम के दूत बनेगे यही,
जिसे कहे तू मेरा मेरा वो ही फुके तन तेरा
भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।



भाव सागर से तरना चाहे पी ले प्याला हरी रस का रे,
प्रेम मगन हो ये दास केहत है फिर नही आना जाना
भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।

Leave a comment